संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को अपने अंतिम सत्र में पांचों प्रांतों के स्वयं सेवकों को आचरण की सीख दी। चार दिनों के प्रवास के बाद रविवार को वे श्रमजीवी एक्सप्रेस से दिल्ली वापस हो गए। प्रवास के दौरान उनसे नहीं मिल पाने पर भाजपाइयों को निराशा हुई।
चार दिनों के प्रवास पर आए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने अपने अंतिम बौद्घिक में स्वयं सेवकों को आचरण की सीख दी। सुबह शाखा का निरीक्षण करने के दौरान पांचों प्रांतों के स्वयं सेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण दिया। बौद्घिक में संघ प्रमुख ने स्वयं सेवकों को कई बिंदुओं के महत्व को समझाया। स्वयं सेवकों के सवालों का भी निराकरण किया। शाम को श्रमजीवी एक्सप्रेस से दिल्ली को रवाना हो गए।
उनकी रवानगी को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अपने प्रवास के दौरान वे भाजपाइयों व मीडिया से दूरी बनाए रहे। अंतिम दिन मिलने की उम्मीद पाले भाजपाई उनके जाने के बाद निराश हुए। संघ का प्रशिक्षण सत्र सरस्वती विद्या मंदिर एवं राणा प्रताप कॉलेज में अभी 12 जून तक चलेगा। प्रशिक्षण का समापन दत्तात्रेय होसबोले करेंगे।