सुल्तानपुर। मनरेगा के कार्य में लगे जॉब कार्डधारकों की मजदूरी का 20 लाख का बिल रिजेक्ट हो गया। विभिन्न खामियों में रिजेक्ट भुगतान पर शासन के निर्देश पर विकास विभाग सक्रिय हो गया है। सीडीओ के निर्देश पर भुगतान की कवायद शुरू हो गई है।
मनरेगा से कराए जा रहे कार्यों व भुगतान संबंधी मामलों को लेकर शासन ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रगति की जानकारी ली। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मनरेगा में कार्य करने वाले जॉब कार्डधारकों का चालू वर्ष का करीब 20 लाख से अधिक का भुगतान रद पाया गया है।
इसे शासन ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल भुगतान कराने का निर्देश दिया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रकरण की जानकारी मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने मनरेगा अधिकारियों के पेंच कसे हैं।
पता चला कि चालू वित्तीय वर्ष के साथ पिछले दो वित्तीय वर्ष में भी जॉब कार्डधारकों का कई लाख रुपये मजदूरी का भुगतान रद हो चुका है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जॉब कार्डधारकों के रद भुगतान को कराने की तैयारी शुरू हो गई है।
मनरेगा सेल के मुताबिक ये भुगतान विभिन्न खामियों में रद हो गए थे। इसमें बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड नंबर या फिर संबंधित की केवाईसी नहीं जमा होने की वजह से भुगतान जॉब कार्डधारकों के खाते में नहीं जा सका था। सीडीओ के निर्देश पर डीसी मनरेगा से ब्लॉकों के एपीओ को ऐसे लोगों की खामियों को दुरुस्त करवाते हुए भुगतान का निर्देश दिया है।
उपायुक्त मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 20 लाख रुपया जॉब कार्डधारकों का रिजेक्ट हो गया है। खामियों को दूर कर जॉब कार्डधारकों को इसका भुगतन कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।