सुल्तानपुर। शासन से संचालित प्रस्तावित आरक्षण प्रक्रिया के अंतिम चरण में मामला गरमा गया है। जिले के सत्ता खेमे के चार विधायक शासन पहुंच गए हैं। विधायकों ने पंचायतीराज मंत्री से मिलकर आरक्षण प्रक्रिया में मूल गांवों व वार्डों को संज्ञान में लेते हुए आदेश जारी करने की गुजारिश की है।
शासन के निर्देश पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तकरीबन तैयार प्रस्तावित आरक्षण सूची को लेकर अंतिम समय में मामला गरमा गया है। जिले के लंभुआ भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी, सुल्तानपुर सूर्यभान सिंह, सदर विधायक सीताराम वर्मा व कादीपुर विधायक राजेश गौतम शासन में पहुंच गए हैं।
विधायकों ने आरक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पंचायतीराज मंत्री से सोमवार को मुलाकात की। पंचायतीराज मंत्री को पंचायत चुनाव के लिए अपनाई जा रही आरक्षण प्रक्रिया पर सुझाव दिया है। मंत्री को पत्र देते हुए वर्ष 2015 में गठित नई ग्राम पंचायतों व नए वार्ड के आरक्षण में उनके मूल गांव व वार्ड की स्थिति को भी संज्ञान में लेने का सुझाव दिया है।
इस संबंध में चारों विधायकों ने मंत्री से आदेश जारी करने की गुजारिश की है। माननीयों ने तर्क दिया कि ऐसा नहीं होने पर वार्ड या फिर ग्राम पंचायतों के गांव कई बार के आरक्षण के दायरे से बाहर नहीं निकल पाएंगे। इसके पहले माननीय जिले स्तर पर इसकी पैरवी कर चुके हैं। प्रस्तावित सूची प्रकाशित होने के अंतिम समय में चारों माननीयों के शासन में पहुंचने से सूची प्रकाशन को लेकर उहापोह की स्थिति बन गई है।