वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के विरोध में व्यापारी संगठनों की ओर से भारत बंद का आह्वान का असर जिले में मिला-जुला रहा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कस्बों तक व्यापारियों की अधिकांश दुकानें खुली रहीं। हालांकि कुछ व्यापारियों ने विरोध जताते हुए अपनी दुकानों को दोपहर तक बंद रखा। व्यापारी इसमें कुछ संशोधन की जरूरत बता रहे हैं।
एक जुलाई (शनिवार) से लागू हो रहे वस्तु एवं सेवा कर के विरोध में व्यापारी संगठनों का भारत बंद का आह्वान जिले में मिला-जुला रहा। हालांकि एकाध व्यापारी संगठनों ने बृहस्पतिवार को प्रेस नोट जारी करके जीएसटी के विरोध में व्यापारियों से दुकानें बंद रखने का आह्वान किया था लेकिन शुक्रवार को यह असर मिला-जुला दिखा। दोपहर तक कुछ व्यापारियों ने दुकानें बंद करके विरोध जताया। बाद में अपनी दुकानें खोल दीं।
हालांकि अधिकांश व्यापारी जीएसटी के विरोध में रहे लेकिन उन्होंने अपनी दुकानें व प्रतिष्ठान खोल रखे थे। व्यापारी इसमें कुछ संशोधन की मांग कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने पैदल मार्च करके शहर में जीएसटी का विरोध जताया। इसे व्यापारी हितों के खिलाफ बताया। व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी ने जीएसटी का समर्थन किया। दूसरे संगठन के व्यापारी नेता मनोज अग्रवाल ने जीएसटी का समर्थन किया लेकिन इसमें संशोधन की जरूरत बताया। साथ ही और वक्त देने की मांग की।