पांच वर्ष पूर्व शहर के करौंदिया मोहल्ले से लापता हुए किशोर को केरल की एक संस्था ने उसके परिवारीजनों से मिलाया। किशोर की मानसिक हालत ठीक नहीं होने से वह लापता हो गया था। बुधवार को कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में संस्था के पदाधिकारियों ने उसे उसके परिवार से मिलाया।
जौनपुर जिले के जंगी खुर्द खेता सराय निवासी अनीस शाह शहर के करौंदिया इलाके में एक किराये के मकान में काफी दिनों से रहते हैं। वर्ष 2012 में उनका पुत्र दिलबहार (22) अचानक लापता हो गया था। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। पिता अनीस के मुताबिक दिलबहार का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उस समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। दिलबहार केरल पहुंच गया था। केरल के त्रिशूल स्टेशन पर वह लावारिस हालत में मिला था।
दिलबहार को अनाथ आश्रम में रखा गया था। वहां एफएबी(फ्रैंड्स एंड बर्ड ऑफ द एअर) संस्था के पदाधिकारियों ने दिलबहार का उपचार करवाया, जिससे उसकी मानसिक हालत में सुधार हुआ। इससे उसकी याददाश्त वापस लौटी और उसने अपने घर का पता बताया। बुधवार को संस्था के मिरियम, इल्सबत, जोमेन उसे लेकर सुल्तानपुर पहुंचे। कोतवाली में पुलिस की मौजूदगी में संस्था के पदाधिकारियों ने उसे परिवारीजनों के हवाले कर दिया।