सुल्तानपुर। छात्र जीवन में मिली सफलता जितना मायने रखती है, उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है, उसे बरकरार रख पाना। बहुधा यह होता है कि प्रतिभाएं उभरकर सामने आती हैं और वक्त के साथ गुम हो जाती हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। ये बातें अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसडीएम ने कहीं।
कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के फरीदीपुर स्थित इंजीनियरिंग संकाय में शुक्रवार को अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड समारोह का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम विदुषी सिंह, डीआईओएस रवि शंकर व श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष सिंह शामिल हुए। मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों ने कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
एसडीएम विदुषी सिंह ने मेधावियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। हर व्यक्ति किसी न किसी से प्रेरित होता है। सफल व्यक्तियों से प्रेरणा लेकर लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय लेकर मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। मेधावियों को अतिथियों ने मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के सर्वाधिक 70 मेधावी शामिल हुए। सेंट जेवियर्स स्कूल के 20, कमला नेहरू बाल शिक्षण संस्थान लालडिग्गी के 20, लिटिल फ्लावर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 10, कमला नेहरू बाल शिक्षण संस्थान करौंदिया के 20 मेधावियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कमला नेहरू संस्थान के इंजीनियरिंग संकाय के एकेडमिक प्रभारी रत्नेश सिंह, अवधेश सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, विजय कुमार सिंह व दिवाकर दुबे आदि मौजूद रहे।
रुचि के अनुरूप चुनें कॅरिअर
समारोह में मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर कमला नेहरू संस्थान के प्राध्यापक राघवेंद्र त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कॅरिअर का चुनाव रुचि के अनुरूप ही करना चाहिए। व्यक्तिगत क्षमताओं का स्वयं आकलन करना चाहिए और कॅरिअर से जुड़ी समस्याओं को पहले से ही चिह्नित कर लेना चाहिए। लक्ष्य निर्धारित करते समय व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और प्राकृतिक प्राथमिकताओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
मेधावियों ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम में पहुंचे मेधावियों ने अपनी योजनाओं का खाका भी साझा किया। कुछ ने ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विस को अपनी प्राथमिकता बताया तो कुछ ने चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करने का संकल्प दोहराया। कुछ विद्यार्थी ऐसे भी रहे जिन्होंने आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सर्विस में जाने की इच्छा जाहिर की।
गुरुजनों-परिजनों को दिया सफलता का श्रेय
मेधावियों ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया। कहा कि परिजनों का सपोर्ट न मिलता तो बोर्ड परीक्षा में इतने अंक कभी न आते। गुरुजनों ने समय-समय पर जरूरी गाइडेंस दी जिससे राह आसान हो गई। भविष्य में भी गुरुओं एवं परिवार का सहयोग मिलेगा तो कोई भी लक्ष्य आसानी से भेदा जा सकेगा।
इन शिक्षकों को भी किया गया सम्मानित
अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड में शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के प्रवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह, सेंट जेवियर्स स्कूल के अध्यापक अरुण दुबे और लिटिल फ्लावर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल लालजी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने की कार्यक्रम की सराहना
अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड कार्यक्रम की अतिथियों ने सराहना की। एसडीएम विदुषी सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से मेधावियों का मनोबल ऊंचा होता है। मेधावी 90 प्रतिशत से ऊपर अंक हासिल करके भी टॉप-10 में स्थान नहीं बना पाते तो उनकी पूछ कहीं नहीं होती है। अमर उजाला ने सराहनीय आयोजन कर मेधावियों का मान बढ़ाया है। डीआईओेएस रवि शंकर ने कहा कि अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। इससे मेधावी प्रोत्साहित होंगे। श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष सिंह ने भी अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड की सराहना की।
सेल्फी लेकर कार्यक्रम को बनाया यादगार
अमर उजाला अचीवर्स अवार्ड में प्रतिभाग करने आईं छात्राओं ने मुख्य अतिथि एसडीएम विदुषी सिंह के साथ सेल्फी लेकर इसे यादगार बनाया। बारी-बारी से ग्रुप में पहुंचीं छात्राओं ने मुख्य अतिथि के साथ सेल्फी ली। एसडीएम ने भी मेधावियों की खुशियों में खुद को खुशी-खुशी शरीक किया।