सुल्तानपुर। शहर के प्यारेपट्टी रोड स्थित रिहायशी इलाके में रविवार देर रात करीब 11:00 बजे कबाड़ के एक गोदाम में भीषण आग गई। लगातार तेज धमाकों से आसपास के लोग दहशत में घर से निकल आए। घेरा बनाकर पुलिस ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा। छह फायर टेंडरों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में लाखों रुपये का कबाड़ राख हो गया। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
अग्निशमन विभाग के अनुसार गोदाम मोहम्मद अहमद का था। देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग ने कुछ ही देर में पूरे परिसर को चपेट में ले लिया। ऊंची लपटें और घना धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। कबाड़ में बीच-बीच में तेज धमाके होते रहे, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने एहतियातन क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया। आग बुझाने के दौरान प्यारेपट्टी रोड पर काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा।
अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह ने बताया कि छह फायर टेंडरों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आबादी के बीच संचालित कबाड़ गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
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वैध नहीं था गोदाम
जिला अग्निशमन अधिकारी केतन कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गोदाम के वैध रूप से संचालित न होने के संकेत मिले हैं। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर गोदाम संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
-जब गोदाम अवैध था तो वर्षों से किसके संरक्षण में संचालित हो रहा था।
-रिहायशी इलाके में ज्वलनशील कबाड़ का भंडारण रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी।
-फायर सेफ्टी और लाइसेंस की नियमित जांच आखिर क्यों नहीं हुई।
-हादसे के बाद नोटिस की बात, पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
-क्या नगर पालिका और अग्निशमन विभाग ने कभी संयुक्त निरीक्षण किया था।