अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के 86वें शहादत दिवस पर बृहस्पतिवार को विविध कार्यक्रम हुए। विभिन्न संगठनों ने शहर में प्रभातफेरी व जुलूस निकाला। शहीद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर गोष्ठी आयोजित की गई। विभिन्न संगठनों ने शहीदों के शहादत दिवस 23 मार्च को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किए जाने की मांग की।
आजाद समाज सेवा समिति ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के बलिदान दिवस पर शहर में प्रभातफेरी निकाली। जिला पंचायत परिसर में स्थापित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यहां पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि भगत सिंह का सपना भेदभाव मिटाकर भारत को समृद्धशाली बनाने का था। प्रवक्ता निजाम अहमद खान ने कहा कि हमें शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस मौके पर मो. अहमद, ओमप्रकाश, शराफत खान, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, विजय यादव, विनीत गुप्त, अशोक तिवारी समेत तमाम लोग मौजूद रहे। भारत की जनवादी नवजवान सभा (डीवाईएफआई) व स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने बस स्टेशन स्थित जिला कार्यालय से जुलूस निकाल शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि राधेश्याम सिंह ने कहा कि देश के शहीदों ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां छात्रों को शिक्षा, नौजवानों को रोजगार, गरीबों को उनका हक और सम्मान मिले। शहीद स्मारक सेवा समिति के अध्यक्ष करतार केशव यादव के नेतृत्व में शहीदों के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी गई।
भाजयुमो के जिलामंत्री रामेंद्र प्रताप सिंह, दीपांकर शर्मा व हिंदू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष आशीष सिंह की अगुवाई में शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शहीद दिवस पर गोष्ठी आयोजित हुई। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कृष्ण कुमार मिश्र ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू को ब्रितानी हुकूमत ने 23 मार्च के ही दिन फांसी पर चढ़ा दिया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बलिदान दिवस पर शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर जिला संयोजक सौरभेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. आलोक पांडेय, हिमांशु मालवीय समेत कई लोग मौजूद रहे। घर सुल्तानपुर फाउंडेशन की ओर से भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू की पुण्यतिथि मनाई। सुबह सात बजे जिला पंचायत स्थित प्रतिमा के आसपास सफाई की गई।