विभिन्न सरकारी महकमों के लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों को सुधारने की गरज से डीएम की ओर से चलाया जा रहा औचक निरीक्षण अभियान भी जिले में सफल नहीं हो रहा है। डीएम चंद्रकांत पांडेय के आदेश पर शुक्रवार को जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी/पीएचसी/आयुर्वेद व होम्योपैथिक अस्पतालों के साथ परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल और सीएमओ, डीपीआरओ, एआरटीओ व कई अन्य कार्यालयों का औचक निरीक्षण हुआ। निरीक्षण में एक बार फिर चिकित्सक/शिक्षक/कर्मचारी सहित 250 अधिकारी व कार्मिक नदारद मिले।
शुक्रवार को नदारद मिलने वालों में स्वास्थ्य महकमे के आला हाकिम सीएमओ डॉ. आनंद कुमार ओझा व जिला पंचायतराज अधिकारी एसबी सिंह प्रमुख रहे। शुक्रवार के निरीक्षण में नौ आयुर्वेद/होम्योपैथिक/पशु अस्पताल के साथ 18 आंगनबाड़ी केंद्र, एक प्राथमिक स्कूल व बीडीओ और सीडीपीओ तिलोई के दफ्तर में ताला लटकता मिला। औचक निरीक्षण अभियान में लगाए गए सभी अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद नाराज डीएम ने देर शाम अनुपस्थितों का निरीक्षण तिथि का वेतन रोकने के साथ उनसे तीन दिन में जवाब-तलब का आदेश संबंधित महकमों को दिया है।
जारी आदेश में जवाब समुचित नहीं होने की स्थिति में कड़ी विभागीय कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया है। डीएम की ओर से कराए गए निरीक्षण व कार्रवाई से सभी विभागों में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।