सुल्तानपुर। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को किशोरी से छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट व अन्य आरोपों से जुड़े मामले में दोषी राजेंद्र निषाद की सजा पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कुल 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अदालत ने सह आरोपी माता-पिता को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
कोतवाली नगर के एक गांव निवासी पीड़िता किशोरी के पिता ने 12 अप्रैल 2019 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने के आरोपी राजेंद्र निषाद के खिलाफ स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के आरोप के मुताबिक आरोपी राजेंद्र निषाद ने उनके घर मे घुसकर उनकी नाबालिग पुत्री से छेड़खानी की। विरोध करने पर मारा-पीटा।
विवेचना के दौरान किशोरी ने आरोपी राजेंद्र के पिता फूलचंद्र व माता अमराजी को भी गाली-गलौज व धमकी का आरोपी बताया। तीनों आरोपियों के खिलाफ मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट की अदालत में चला। अदालत ने एक दिन पूर्व मुख्य आरोपी राजेंद्र निषाद को छेड़खानी सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था। अन्य दोनों आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया था।