सुल्तानपुर। किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों से जुड़े मामले में स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट/ एफटीसी द्वितीय विजय कुमार गुप्ता की अदालत ने एक दिन पूर्व दोषी ठहराए गए सूरज कोरी की सजा पर बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास व कुल 28 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
लंभुआ थाने के एक गांव की रहने वाली किशोरी की मां ने 24 अप्रैल 2023 को स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के आरोप के मुताबिक, उनकी बेटी रिश्तेदारी जाने की बात कहकर घर से निकली थी। बाद में पता चला कि रिश्तेदारी में नहीं पहुंची। लंभुआ थाने के समहुता खुर्द के सूरज कोरी ने झांसा देकर उनकी पुत्री का अपहरण कर लिया है। विवेचना के दौरान अपहरण व दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि हुई। मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट विजय कुमार गुप्ता की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने 11 मार्च को आरोपी सूरज कोरी को मामले में दोषी ठहराते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। अदालत ने नियत तिथि पर दोषी को जेल से तलब कर सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनाया।