मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैह की याद में बुधवार को शहर से सटे जामा मस्जिद अमहट में मजलिस का आयोजन किया गया। जामा मस्जिद अमहट से दरगाह हजरत अब्बास अलैह गभड़िया तक जुलूस निकाला गया। इसमें मौलानाओं ने तकरीर और अंजुमनों ने नौहा मातम किया। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जगह-जगह शर्बत वितरण का स्टॉल लगाया गया।
जुलूस के दौरान मौलाना मो. जाफर, मौलाना मुशीर अब्बास, मौलाना नकी रजा, मौलाना बबर अली, मौलाना सैय्यद असद यावर बिहार, मौलाना कल्बे हसनैन, मौलाना शकील अहमद, मौलाना मो. फैज, मौलाना सैय्यद आमिर काजमी मुजफ्फरनगर ने तकरीर की। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने बताया कि यह कार्यक्रम मो. साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैह की याद में मनाया जाता है।
हजरत इमाम हुसैन अलैह ने यजीद के आतंक को खत्म करने, इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए मदीने से करबला तक का सफर तय किया था। जुलूस में काफिले की शक्ल में ऊंटों पर अमारियां थीं। अमहट से गभड़िया तक जगह-जगह स्टॉल लगाए गए थे। चाय, शर्बत, दूध और मेहमानों के लिए सबील लगाई गई थी।