अमहट स्थित जामा मस्जिद के पास हजरत उम्मुल बनीन के शहादत दिवस पर दुआ करते लोग। स्रोत-सोशल मीडि
सुल्तानपुर। हजरत उम्मुल बनीन की शहादत दिवस पर शुक्रवार को अमहट स्थित जामा मस्जिद में मजलिस हुई। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने बताया कि मजलिस को मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने संबोधित किया।
मौलाना ने मजलिस में कहा कि विवाह के बाद उम्मुल बनीन हजरत अली के घर आईं तो उन्होंने इमाम अली से अनुरोध किया कि वे उन्हें ‘उम्मुल बनीन’ यानी बच्चों की मां कहकर पुकारें। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा, ताकि जब इमाम अली उन्हें ‘फातिमा’ कहकर पुकारें, तो हजरत फातिमा जहरा के बच्चे अपनी मां को याद करके गमजदा न हों। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने बताया कि मजलिस को मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने संबोधित किया।
अमहट स्थित जामा मस्जिद के पास हजरत उम्मुल बनीन के शहादत दिवस पर दुआ करते लोग। स्रोत-सोशल मीडि