सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित मैटरनिटी विंग में गर्भवती को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दोपहर दो बजे के बाद लिफ्ट बंद कर दी जाती है। महिलाओं को सीढि़यों से आवागमन करना पड़ता है। अभी तक अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी शुरू नहीं हो सकी है।
महिलाओं को प्रसव के दौरान और बाद में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए पांच मंजिला मैटरनिटी विंग का निर्माण हुआ। पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड से लेकर लिफ्ट तक की व्यवस्था की गई। सितंबर से महिला अस्पताल भी यहां शिफ्ट कर दिया गया है। बावजूद इसके यहां अल्ट्रासाउंड शुरू नहीं हो सका है।
यहां लगी लिफ्ट केवल डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए चलाई जाती है। दोपहर 2:00 बजे के बाद लिफ्ट के दरवाजे पर ताला जड़ दिया जाता है। रविवार को पूरे दिन लिफ्ट बंद रहती है। प्रसूताओं को तीसरे, चौथे मंजिल तक चढ़ने में परेशानी हो रही है। अखंडनगर के नेमपुर गांव निवासी सुषमा वर्मा को प्रसव के लिए बुधवार सुबह 7:00 बजे मैटरनिटी में भर्ती कराने परिवारजन पहुंचे तो लिफ्ट बंद मिली। काफी मशक्कत के बाद महिला को तीसरे तल तक पहुंचाया गया। त्रिसुंडी से आई रामसंवारी ने बताया कि रविवार को उन्होंने ट्यूमर का ऑपरेशन कराया। बुखार आ गया तो खून की जांच के लिए डॉक्टर ने लिखा। जांच कराने के लिए चौथे तल से नीचे आना था। लिफ्ट के पास गई तो ताला बंद था।
टॉयलेट में गंदगी का अंबार
मैटरनिटी विंग में साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल है। टॉयलेट गंदगी से पटे हैं। इसमें जाना तो दूर, आसपास भी दो मिनट रुकना मुश्किल हो जाता है। आसपास वार्डों में मरीज भर्ती हैं। उन्हें भी इंफेक्शन का खतरा है।
रेफर की धमकी देते हैं चिकित्सक
तीमारदारों ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ सीधे मुंह बात नहीं करते। नवजात को दिखाने जाओ तो जांच के नाम पर इधर-उधर दौड़ाते हैं। जब शिकायत करो तो रेफर करने की धमकी देते हैं। प्रधानाचार्य शिकायत से हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
भारी भीड़ से परेशान हो रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज में मौसम परिवर्तन के चलते इन दिनों बुखार, जुकाम, खांसी के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव से मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। लोग इलाज के लिए लंबी-लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दवा काउंटर पर भी भीड़ जुटने से मरीज व तीमारदार परेशान हैं।
मैटरनिटी विंग को 24 घंटे संचालित करने के लिए निर्देशित किया गया है। अभी अस्पताल में निर्माण चल रहा है, इसलिए अव्यवस्था हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर।