सुल्तानपुर। मौसम में बदलाव और एक दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी मरीजों से खचाखच भर गई। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक मरीज घंटों लाइन में खड़े रहे। इसी बीच एक लिफ्ट बंद होने से बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। इलाज के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में 2202 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि करीब 1500 पुराने मरीज भी फॉलोअप के लिए पहुंचे। अचानक बढ़ी भीड़ से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव साफ दिखाई दिया। डॉक्टर लगातार मरीज देखते रहे, लेकिन भीड़ कम नहीं हुई। कई मरीज दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
आंख की जांच कराने आए रामसुख ने बताया कि काफी देर तक लिफ्ट का इंतजार किया, लेकिन जगह नहीं मिली, इसलिए सीढ़ियों से जाना पड़ा। चौथे तल पर भर्ती परिजन से मिलने पहुंचे प्रदीप ने बताया कि बार-बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से पैरों में दर्द होने लगा।
पिता का इलाज कराने आए दिनेश ने बताया कि सुबह नौ बजे पहुंचे थे, लेकिन दवा लेकर बाहर निकलने में साढ़े तीन घंटे लग गए। निर्मला ने बताया कि अकेले आने के कारण हर काउंटर पर लाइन लगानी पड़ी और घंटों खड़े रहने से पैरों में दर्द होने लगा।
मौसम में बदलाव और अवकाश के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। सभी मरीजों का उपचार कराया गया। खराब लिफ्ट की सूचना कार्यदायी संस्था को दे दी गई है और जल्द उसे ठीक कराया जाएगा।
-डॉ. अविनाश चंद्र गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी कदम
-दोनों लिफ्टों की नियमित सर्विसिंग और खराब होने पर 24 घंटे के भीतर मरम्मत।
-ओपीडी के व्यस्त दिनों में अतिरिक्त डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती।
-पंजीकरण और दवा वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलना।
-बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों के लिए अलग प्राथमिकता (फास्ट ट्रैक) व्यवस्था।
-भीड़ वाले दिनों में मरीजों को मार्गदर्शन देने के लिए हेल्प डेस्क और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती।