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Sultanpur News: अशफाक हत्याकांड के तीन दोषियों को आजीवन कारावास

Sat, 26 Oct 2024 03:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। अशफाक हत्याकांड के चर्चित मामले में दोषी करार तीन अभियुक्तों को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर तीन लाख 63 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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जुर्माने की 70 फीसदी रकम मृतक के पिता को देने का आदेश दिया गया है। शेष रकम सरकारी राजकोष में जमा होगी। मामले में नामजद रहे जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह समेत पांच आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए हैं।

अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के ग्राम बड़ागांव कोट मौजा हुसैनगंज कला निवासी कारोबारी अशफाक अहमद की 30 जनवरी 2018 को मुकदमेबाजी की रंजिश में जगदीशपुर बाजार स्थित विजया बैंक के पास बम व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अशफाक के भाई रजी अहमद घायल हाे गए थे। मृतक अशफाक के पिता अंसार अहमद ने जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या व साजिश करने का मुकदमा दर्ज कराया था। बीते मंगलवार को जिला जज ने आरोपी वंशराज यादव, अमित चौबे व सतीश उर्फ सतई को दोषी करार देते हुए सजा सुनाने के लिए 25 अक्तूबर की तिथि नियत की थी।
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काेर्ट ने जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह, अनिल कुमार उर्फ विधायक, नान्ह सिंह उर्फ सूरज, विकास खरवार व सुबास यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने तीनों दोषियों को कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल मनोज दुबे और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने दलीलेें पेश की।

जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद तीनों दोषियों को हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट, आर्म्स एक्ट के साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।

पिता ने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लगाई थी दौड़

अशफाक अहमद की हत्या के मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह व सह आरोपी सुबास यादव को 23 सितंबर 2021 को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। इसके खिलाफ अशफाक के पिता अंसार अहमद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जेबी पारदीवाला ने हाईकोर्ट के जमानत देने के आदेश को रद्द कर दिया था। पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह व सह आरोपी सुबास यादव को विचारण न्यायालय में सरेंडर कर जेल जाना पड़ा था।
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