सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शनिवार को स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट नवनीत गिरि ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 37 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली से जुड़ा है।
विशेष लोक अभियोजक गोरखनाथ शुक्ल के मुताबिक मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की किशोरी का आरोपियों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस ने घटना के एक माह बाद किशोरी के पिता की तहरीर पर 23 दिसंबर 2000 को गांव के ही शिव कुमार व दादरा गांव के एक किशोर आरोपी और जगदीशपुर थाने के पृथ्वीगंज निवासी रामकेवल उर्फ कमला प्रसाद के खिलाफ अपहरण व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
विवेचना में पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी थी। मुख्य आरोपी रामकेवल उर्फ कमला प्रसाद ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किया था जबकि आरोपी शिव कुमार व किशोर आरोपी ने अपहरण में सहयोग किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में छह गवाह पेश किए गए। शनिवार को कोर्ट ने मुख्य आरोपी रामकेवल उर्फ कमला प्रसाद को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने आरोपी शिव कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। किशोर आरोपी के केस की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।