सुल्तानपुर। पांच वर्ष हुई हत्या व लूट के मामले में शनिवार को एडीजे प्रथम आनंद प्रकाश ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 28 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना धम्मौर थाने के रामपुर गांव की है। गांव निवासी रामसहाय गुप्त 29 मई 2015 की शाम को क्षेत्र के दसईपुर गांव निमंत्रण में शामिल होने गया था। रात में घर नहीं लौटने पर परिवारीजनों ने खोनबीन की लेकिन पता नहीं चला था। दूसरे दिन जिरही बाबा धाम के पास रामसहाय का शव मिला।
मृतक की पुत्री जयंती गुप्ता की तहरीर पर अज्ञात में हत्या व लूट का केस पीपरपुर थाने में दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीपरपुर के कल्याणपुर गांव निवासी रिशू उर्फ प्रतीक सिंह को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर मृतक की साइकिल व पर्स बरामद कर उसे जेल भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी रिशू उर्फ प्रतीक सिंह ने त्रिशूल से मारकर राम सहाय की हत्या कर दी थी और उसकी साइकिल व रुपया लूट लिया था। पुलिस ने रिशू उर्फ प्रतीक सिंह के खिलाफ हत्या व लूट के अभियोग में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। शनिवार को एडीजे प्रथम आनंद प्रकाश ने आरोपी रिशू उर्फ प्रतीक सिंह को हत्या व लूट के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 28 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
मुंबई में करता था सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी
मृतक राम सहाय मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। वह घटना से 15 दिन पहले मुंबई से अपने घर रामपुर आया था। इसका उल्लेख घटना की एफआईआर दर्ज कराने वाली राम सहाय गुप्त की पुत्री जयंती गुप्त ने कोर्ट में दी गई अपनी गवाही में किया है।