- अमेठी जिले के गौरीगंज थाने के ग्राम महिमापुर मौजा सराय भागमानी से जुड़ा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। संपत्ति की लालच में बेटे के साथ मिलकर भाई की हत्या करने वाली बहन व भांजे को कोर्ट ने दोषी करार मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश जलाल मोहम्मद अकबर ने दोषी मां-बेटे पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला अमेठी जिले के गौरीगंज थाने के ग्राम महिमापुर मौजा सराय भागमानी से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गौरीगंज थाने के ग्राम धर्म सिंह का पुरवा मौजा किटियावां निवासी श्रीकृष्ण निसंतान थे। वह गौरीगंज थाने के ग्राम महिमापुर मौजा सराय भागमानी में अपनी बहन साधना श्रीवास्तव के घर पर रहते थे। आठ नवंबर 2020 की रात में श्रीकृष्ण की बांका मारकर हत्या कर दी गई थी। साधना ने मृतक के भतीजे रामजी व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि मृतक श्रीकृष्ण का भाई हरि प्रसाद व भतीजे रामजी से जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस की विवेचना में तहरीर में बताई गयी कहानी झूठी साबित हुई। विवेचना में सामने आया कि जमीन व बैंक में जमा रुपये की लालच में श्रीकृष्ण की उनकी बहन साधना ने ही अपने बेटे पीरेश श्रीवास्तव उर्फ गुंजन के साथ मिलकर हत्या की थी। आरोपी पीरेश ने पुलिस को बताया कि मृतक श्रीकृष्ण अपनी जमीन व बैंक में जमा रुपया रामपुर गांव निवासी राम गोपाल को देना चाहते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने आरोपी साधना व उसके बेटे पीरेश को दोषी मानते हुए सजा का एलान करने के बाद जेल भेजने का आदेश दिया है।