सुल्तानपुर। रबी फसल की बोआई को लेकर डीएपी खाद की मची किल्लत के बीच बुधवार को वितरण के दौरान कई साधन सहकारी समितियों पर हंगामा हुआ। मजबूरन समितियों के कर्मचारियों को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद पुलिस की निगरानी डीएपी का वितरण शाम तक चलता रहा।
बुधवार को जिले की कई समितियों पर डीएपी खाद पहुंचने की सूचना मिलते किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। समितियों पर लंबी कतारें लगी थी। कुछ समितियों पर किसानों ने हंगामा कर दिया। धम्मौर, कटका समेत कई समितियों पर किसानों के हंगामे के बाद पुलिस बुलानी पड़ी।
साधन सहकारी समिति लौहर पश्चिम पर डीएपी की सूचना पर किसानों की भीड़ लग गई। यहां भी किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। कई किसानों को लौटना पड़ा। किसान राम बहादुर, हौसिला, राधेश्याम व सजीवन ने कहा कि कई दिन से समिति पर चक्कर लगा रहा हूं। भदैंया के साधन सहकारी समिति लोहरामऊ में डीएपी आने की सूचना पर भीड़ ने आपा खो दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी। फिर पुलिस ने कूपन वितरण करवाकर एक बोरी डीएपी वितरित की गई। किसानों को एक नैनो डीएपी बोतल लेने पर दो बोरी डीएपी खाद दी गई।
इधर, अलीगंज के नरही न्याय पंचायत के रामपुर साधन सहकारी समिति पर 400 बोरी डीएपी खाद लेने के लिए 800 किसानों की भीड़ पहुंच गई। सुबह छह बजे से कतार में किसान लग गए। कृषि विभाग के मुताबिक बुधवार को शहर के पयागीपुर की पीसीएफ गोदाम, मोतिगरपुर के पारसपुर और पदारथपुर, दूबेपुर के लौहर पश्चिम, नरही, बंधुआकलां और कटका खानपुर के पीसीएफ गोदाम समेत अन्य समितियों पर पुलिस की मौजूदगी में किसानों को डीएपी का वितरण कराया गया। बंधुआकलां में एक आधार पर एक बोरी डीएपी दी गई। कादीपुर क्षेत्र की कादीपुर, लक्ष्मणपुर, मगारावां, लेडुआ, रामपुर करपी, डोमापुर, नूरपुर अल्देमउ व सहकारी संघ कादीपुर में डीएपी और एनपीके नहीं मिली।
किसानों ने खाद नहीं मिलने का बयां किया दर्द
दूबेपुर। क्षेत्र के बंधुआकलां समिति पर डीएपी खाद लेने आए पिकौरा गांव के किसान रमेश वर्मा ने बताया कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। उघरपुर गांव के किसान जगत नारायण ने बताया कि सुबह से खाद लेने के लिए नंबर लगाया हूं। पता चला कि खाद ही खत्म हो गई है। -
खतौनी पर किसानों को मिलेगी पर्याप्त डीएपी
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि रोज समितियों से सात-आठ हजार किसानों को डीएपी का वितरण किया जा रहा है। खतौनी लेकर आने पर किसानों को ज्यादा डीएपी मिल सकेगी। 1400 मीट्रिक टन डीएपी की रैक आने वाली है।