सुल्तानपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान सोमवार से शुरू हुआ। इसके लिए जिले भर में 2745 टीम लगाई गई हैं। 534 सुपरवाइजर टीम की निगरानी करेंगे। टीम घर-घर जाकर संदिग्ध कुष्ठ रोगियों की खोज करेगी। कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो उसका मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
मौजूदा समय जिले में 43 कुष्ठ मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि त्वचा पर सुन्न धब्बे, स्पर्श व दर्द महसूस न होना, मांसपेशियों में कमजोरी और नसों का मोटा होना कुष्ठ रोग की पहचान में शामिल है। इसमें त्वचा पर हल्के या लाल रंग के दाग, गांठें, सूखी त्वचा और उंगलियों या पैरों में सुन्नता या झुनझुनी हो सकती है। यह रोग समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है।
सीएमओ डॉ. भारत भूषण ने बताया कि नौ से 23 मार्च तक यह अभियान चलेगा। टीमें घर-घर जाएंगी, जांच पर मिले संदिग्ध मरीजों को स्थानीय सीएचसी पर ले जाया जाएगा। वहां से कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर जिला मुख्यालय भेज दिया जाएगा, जहां पर निशुल्क इलाज होगा। अभियान के प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन शाम को होगी। अभियान का लक्ष्य समुदाय स्तर पर रोग का पता लगाकर इसके प्रसार को रोकना है। इस व्यापक प्रयास से जिले में कुष्ठ रोग के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।