60 आवास आवंटन की बनाई गई फर्जी पत्रावली की जांच में कई लोग अपात्र पाए गए हैं। पत्रावली पर लेखपालों के फर्जी हस्ताक्षर होने व अन्य कई अनियमितताओं की पुष्टि पर एसडीएम सदर ने समूची पत्रावली को निरस्त कर दिया है। प्रकरण सदर तहसील के कुड़वार ग्राम पंचायत का है।
भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को आवास बनाने के लिए जमीन दिलाने की आड़ में राजस्व कर्मियों ने बीते वर्ष फर्जी पत्रावली तैयार की थी। पत्रावली के सदर तहसील में पंजीकरण नहीं होने के बावजूद तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व तहसीलदारसदर ने आवास आवंटन पत्रावली को मंजूरी दे दी थी।
फर्जीवाड़े को पुष्ट करने के लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाकर पत्रावली पर कागजी अनुमोदन भी करा लिया गया था। अनुमोदन में शामिल दो लेखपालों के फर्जी हस्ताक्षर होने के खुलासे पर एसडीएम सदर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे।
राजस्व निरीक्षक नगर की जांच में कई अपात्रों को पत्रावली में शामिल किए जाने की पुष्टि हुई थी। लेखपालों के फर्जी हस्ताक्षर होने व अन्य अनियमिताओं की पुष्टि पर एसडीएम सदर ने पत्रावली को निरस्त कर दिया है। पत्रावली रद्द होने के बाद दोषी कर्मचारियों पर प्रशासनिक गाज गिरना तय माना जा रहा है।
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी कर्मचारी
एसडीएम सदर रतीभान वर्मा ने बताया कि पत्रावली में कई अनियमिताएं पाई गई हैं। जांच में आवास आवंटन की पत्रावली फर्जी पाए जाने पर पत्रावली को निरस्त कर दिया गया है। प्रकरण में दोषी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।