सुल्तानपुर। थाना क्षेत्र धनपतगंज के एक गांव में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। वहां मानसिक व शारीरिक रूप से एक बच्ची जैसी दिखने वाली युवती की लाचारी देखकर एक शराबी ने उसे जिंदगी से मुक्त करने की योजना बनाई। वह उसे ले जाकर चरी के खेत में फेंक आया ताकि वह मर जाए किंतु परिवारवालों ने उसे ढूंढ निकाला और अब शराबी अधेड़ हत्या के प्रयास के आरोप में पुलिस के शिकंजे में है।
धनपतगंज के एक गांव की इस युवती की उम्र 21 वर्ष है। उसका शारीरिक और मानसिक विकास न होने पर वह सात साल की बच्ची जैसी ही है। उसके हाथ भी काम नहीं करते और वह बोल भी नहीं पाती। कुछ खिलाओ तो वह पैर से ही खाती है। बताया जाता है कि बिनौता गांव का एक अधेड़ करिया गिरि उसे आते-जाते देखा करता था।
पुलिस की गिरफ्त में आए करिया ने बताया कि घर के बाहर पड़ी रहने वाली इस बच्ची को उसने कई बार खाने के लिए बिस्किट भी दिया, जिसे वह पैरों से खाती थी। वह उसे देखकर मूक भाषा में आवाज किया करती थी।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जब परिजन सोकर उठे तो उन्होंने देखा कि वह बच्ची नहीं थी। उन्होंने तलाश शुरू की तो करीब दो सौ मीटर दूर एक चरी के खेत में लड़की मिल गई। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर करिया गिरि को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा भी दर्ज कर लिया।
थानाध्यक्ष श्रीराम पांडेय ने बताया कि आरोपी का कहना है कि उसे लड़की की हालत पर बेहद तरस आता था। इसलिए वह उसे इस कष्ट से मुक्त कर देना चाहता था। हालांकि थानाध्यक्ष ने कहा कि आरोपी शराब का आदी है, इसलिए हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।
पहले भी कर चुका था उठाने की कोशिश
परिजनों के मुताबिक करिया पहले भी लड़की को उठाने का प्रयास कर चुका था। किंतु हमेशा कोई न कोई आ जाता था, इसलिए वह चला जाता था। इसी वजह से उसी पर संदेह गया था।
पुलिस ने तत्परता दिखाई : एसपी
पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने कहा कि लड़की शारीरिक व मानसिक रूप से विकास नहीं कर पाई है। उसकी हालत बच्चों जैसी ही है। इसलिए पुलिस ने इस मामले में तत्परता बरती और गंभीर धारा में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।