जीआईसी मैदान में आग बुझाने का पूर्वाभ्यास किया गया। -संवाद
सुल्तानपुर। पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने युद्ध के दौरान आम लोगों की सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बुधवार को पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मॉक ड्रिल कर लोगों को सुरक्षा के उपाय बताए।
अधिकारियों ने बताया कि सायरन बजते ही फर्श पर लेट जाएं। मौका मिलते ही सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। आपात स्थितियों में बीमार, दिव्यांग और घायल की मदद करें। जीआईसी में हुई मॉक ड्रिल में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों सहित आम लोगों को युद्ध की स्थितियों में बचाव के उपाय बताए।
कहा कि सायरन बजते ही घबराएं नहीं। अगर रास्ते में एंबुलेंस या अग्निशमन दस्ता दिखे तो उसे तुरंत रास्ता दें। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल आगे भी की जाएगी। मॉक ड्रिल में सीएफओ संजय कुमार शर्मा, एडीएम प्रशासन गौरव द्विवेदी व एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
सायरन ने किया सतर्क
सायरन के बजते ही लोग सतर्क मुद्रा में खड़े हो गए। लोग चौकन्ने हो गए। करीब एक मिनट तक सायरन बजता रहा। कॉलेज परिसर के बाहर जिन लोगों ने सायरन की आवाज सुनी, वे भी सहम गए। मॉक ड्रिल की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में गत्ते में आग लगाकर लोगों को वहां से दूर कर दिया गया। इस दौरान सक्रिय अग्निशमन कर्मियों ने मुस्तैदी से आग को काबू कर लिया।
घायल की मदद के लिए बढ़ाया हाथ
मॉक ड्रिल के तीसरे चरण में घायल व्यक्ति को एंबुलेंस तक पहुंचाने का अभ्यास लोगों को कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने घायलों के प्राथमिक उपचार के तरीके भी बताए। आग बुझाने के साथ ही मॉक ड्रिल समाप्त हुई।