सुल्तानपुर। दीवानी न्यायालय से कादीपुर व अखंडनगर थाना से जुड़े फौजदारी के मुकदमों की सुनवाई का क्षेत्राधिकार कादीपुर की सिविल जज कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने के विरोध में मंगलवार को वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे अदालतों में न्यायिक कार्य ठप रहा। बार एसोसिएशन ने बैठक करके इसका कड़ा विरोध किया है। दोपहर बाद वकीलों ने जिला जज जयप्रकाश पांडेय से मिलकर अपना विरोध जताया।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिला जज जयप्रकाश पांडेय से विचार-विमर्श का हवाला देते हुए सीजेएम बटेश्वर कुमार ने कादीपुर व अखंडनगर थाने से जुड़े आपराधिक मुकदमों की सुनवाई के लिए कादीपुर ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया है। इसकी जानकारी मंगलवार को मिलने पर वकीलों में रोष फैल गया। बार एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार करते हुए दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता संघ भवन में आपात बैठक बुलाई। पूर्व अध्यक्ष रामविशाल तिवारी, नरेंद्र बहादुर सिंह, विशंभर नाथ शुक्ल, सूर्यनाथ यादव, विद्या भूषण पांडेय, राघवेंद्र सिंह, अशोक शुक्ल, वीरेंद्र सिंह, राय साहब सिंह, बैतुल्लाह खां, राम अवतार यादव समेत कई वकीलों ने स्थानांतरण के मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद पांडेय ने कहा कि मामले को लेकर जिला जज व हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज से मुलाकात की जाएगी। दोपहर बाद बार एसाेसिएशन अध्यक्ष अरविंद पांडेय की अगुवाई में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला जज जय प्रकाश पांडेय से मुलाकात की। जिला जज ने मामले की जानकारी हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज को देने का आश्वासन दिया है।
इधर, कादीपुर के वकीलों ने जताई खुशी
कादीपुर। सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट कादीपुर में कादीपुर और अखंड नगर थाना क्षेत्र के फौजदारी मामलों की सुनवाई का अधिकार मिलने पर वकीलों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंगलवार को बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता सभागार में बैठक करके उपलब्धियों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन क्षितिज पांडेय ने कहा कि काम करने से ही अनुभव होता है। जिस प्रकार से वर्ष 2001 में कादीपुर में अपर सिविल जज की कोर्ट स्थापना होने पर यहां लोग अच्छे तरीके से सिविल मामलाें के कार्यों के जानकार हो गए हैं, उसी प्रकार से यहां फौजदारी मामलों की पैरवी भी अच्छे प्रकार से होगी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत सिंह, सचिव लालचंद शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष जयशंकर तिवारी, दयाराम पांडेय, विजय शंकर पांडे, विनोद श्रीवास्तव समेत अन्य वकीलाें ने खुशी जताई है।