शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों और भवनों के दाम फिर बढ़ जाएंगे। द्विवार्षिक पुनरीक्षण के तहत 10 से 20 फीसदी जमीनों व भवनों का रेट बढ़ाने की तैयारी चल रही है। जमीन और भवनों की उपयोगिता के हिसाब से सब रजिस्ट्रारों को प्रस्तावित रेट के निर्धारण का निर्देश दिया गया है।
शासन के निर्देश पर प्रशासन फिर भूमि व भवनों का रेट पुनरीक्षित करने की तैयारी में जुटा है। द्विवार्षिक पुनरीक्षण के तहत डीएम सर्किल रेट को पुनरीक्षित कर प्रस्तावित रेट सूची बनाने का निर्देश सभी सब रजिस्ट्रारों को दिया गया है।
शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों का रेट वहां के बाजारू मूल्य का आकलन करते हुए उसके हिसाब से प्रस्तावित सूची बनाने का निर्देश दिया गया है। सर्किल रेट के पुनरीक्षण की शुरू हुई कवायद से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के मकानों, दुकानों और जमीनों के दामों का बढ़ना फिर तय है।
विभाग की मानें तो हर क्षेत्र में पांच से लेकर 20 फीसदी रेट जमीनों, दुकानों व मकानों के बढ़ जाएंगे। दाम बढ़ने से इसकी मार खरीदारों पर पड़ेगी। निर्देश मिलते ही सब रजिस्ट्रारों ने तैयारी शुरू कर दी है।
निर्देश के मुताबिक शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र का अलग सर्किल रेट होगा। इसमें भी शहर व ग्रामीण क्षेत्र के जमीनों एवं भवनों की उपयोगिता के हिसाब से रेट का निर्धारण किया जाना है। शहर में मुख्य मार्ग, मुख्य बाजार, आबादी क्षेत्र के हिसाब से प्रस्तावित रेट की सूची पुनरीक्षित होगी।