सुल्तानपुर। पांडुलिपियों और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के लिए शुरू हुआ संग्रहालय भवन का निर्माण भूमि विवाद में उलझ गया है। पयागीपुर में 21 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे संग्रहालय भवन पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के स्थगन आदेश के बाद करीब तीन माह से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इससे जिले की धरोहरों को सुरक्षित स्थान मिलने की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है।
लोगों को जिले के इतिहास और विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से पयागीपुर में संग्रहालय भवन निर्माण की योजना तैयार की गई थी। शासन से 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दो किस्तों में 10 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद संस्था ने भवन का कुछ हिस्सा तैयार कर लिया था। इसी दौरान जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पयागीपुर के कुछ लोगों की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए लखनऊ खंडपीठ ने निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। आदेश के बाद से मौके पर चल रहा काम पूरी तरह ठप है। कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता रोहित कुमार सिंह ने बताया कि स्थगन आदेश की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है।
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किराये के भवन में सिमटा संग्रहालय कार्यालय
संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार दूबे ने बताया कि वर्तमान में संग्रहालय का कार्यालय सुपर मार्केट स्थित नगरपालिका के स्वामित्व वाले भवन में किराये पर चल रहा है। जगह सीमित होने के कारण पांडुलिपियों और अन्य धरोहरों के संरक्षण में परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि नया भवन बनने के बाद सामग्री को सुरक्षित रखने के साथ ही लोगों के लिए संग्रहालय को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकेगा।