लंभुआ के मुरली में निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र में खड़े वाहन। स्रोत-विभाग
- फोटो : प्रदर्शन के चलते लगे जाम के दौरान जाने देने की गुहार लगाती महिला।
लंभुआ। तहसील मुख्यालय पर लंबे समय से चली आ रही फायर ब्रिगेड की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए यहां एक अस्थायी अग्निशमन दस्ता तैनात कर दिया गया है, जो पिछले तीन दिनों से अपनी सेवाएं दे रहा है।
लगभग पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद मेनका संजय गांधी के प्रयासों से सुलतानपुर-वाराणसी हाईवे पर स्थित मुरली गांव में अग्निशमन केंद्र का शिलान्यास हुआ था। लेकिन यह परियोजना आज भी अधूरी है। इसी बीच तहसील मुख्यालय पर संचालित अस्थायी व्यवस्था भी बंद कर दी गई थी। इसके कारण 40 किमी के दायरे में आग लगने पर दमकल गाड़ियों को पहुंचने में घंटों लग जाते थे, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता था।
क्षेत्र में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उपजिलाधिकारी प्रीती जैन ने जिलाधिकारी से इस समस्या पर चर्चा की। उनकी पहल पर अग्निशमन विभाग ने लंभुआ में 700 लीटर क्षमता वाला एक अत्याधुनिक वाहन तैनात किया है। इस दस्ते में एक चालक और दो फायरमैन 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।
भवन हस्तांतरण के बाद स्थायी होगी व्यवस्था
मुख्य अग्निशमन अधिकारी केतन कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में अस्थायी अग्निशमन दस्ता केवल दिन के समय तैनात किया गया है। भवन का हस्तांतरण होते ही यह सेवा दिन-रात (24 घंटे) सुनिश्चित कर दी जाएगी।