सुल्तानपुर। राज्य स्तरीय खिलाड़ी के घर में घुसकर हमले सहित अन्य आरोपों से जुड़े मामले में अंतरिम जमानत पर चल रहे आरोपियों के संबंध में क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं पेश करने पर एफटीसी/न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार मिश्र की अदालत ने दरोगा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में सख्त आदेश जारी करते हुए अविलंब आपराधिक इतिहास नहीं पेश किए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। लंभुआ थाने के शेखनपुर गांव की रहने वाली राज्य स्तरीय खिलाड़ी रक्षा तिवारी ने सात दिसंबर 2018 की घटना बताते हुए अपने पड़ोस के रहने वाले आरोपी समरनाथ तिवारी उनके पुत्र दुर्गेश तिवारी और योगेश तिवारी के खिलाफ घर में घुसकर उन्हें व उनकी मां पर हमला करने एवं ताना मारने सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
इस मामले में समरनाथ तिवारी व अन्य ने गत 28 जनवरी को अदालत में आत्म समर्पण कर जमानत अर्जी पेश की थी। सुनवाई में न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार मिश्र ने आरोपियों की अंतरिम जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए इनकी क्रिमिनल हिस्ट्री पेश करने के लिए लंभुआ पुलिस को आदेश दिया था। कई दिन बीतने के बाद भी थाने के दरोगा विनोद कुमार ने आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं पेश किया। अदालत ने दरोगा के कृत्य को लापरवाही करार देते हुए जल्द क्रिमिनल हिस्ट्री पेश करने का आदेश दिया है। फिर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी दी है।