तिलोई। मोहनगंज के पूरे घिसई मजरे लीही निवासी चंद्रभान (50) का शव शनिवार सुबह रामपुर गांव के निकट नहर के किनारे झाड़ियों में मिला। उनके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक चंद्रभान के हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे। उनके परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस इसे हादसा बता रही है।
रामभवन ने बताया कि उनके चचेरे भाई चंद्रभान लकड़ी काटने का काम करते थे। शुक्रवार सुबह वह मजदूरी के लिए एक ठेकेदार के साथ शाहमऊ के अगौना गांव गए थे। वह देर शाम तक घर नहीं लौटे तो खोजबीन शुरू की गई। ठेकेदार ने बताया कि शाम करीब पांच बजे तबीयत खराब होने की बात कहकर चंद्रभान घर के लिए निकल गए थे। शनिवार सुबह बगल के गांव रामपुर मजरे अहुरी के पास नहर किनारे झाड़ियों में उनका शव मिला।
चंद्रभान के शरीर पर चोट के निशान देख परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि शव मिलने के समय चंद्रभान के हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। हालांकि पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। परिजन मौखिक रूप से अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। अगर हत्या हुई है तो उसकी वजह क्या है, इसको लेकर अभी सभी ने चुप्पी साध रखी है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तहरीर दी जाएगी।
मोहनगंज इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि चंद्रभान का शव मिला है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि चंद्रभान अपने गांव के पास निजी मेडिकल स्टोर से शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे दवा लेते दिखाई दिए। प्रारंभिक जांच में साइकिल से गिरने से मौत होने की संभावना लग रही है। मृतक का मोबाइल और अन्य सामान मौके से मिला है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
चंद्रभान की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी फूलमती, बेटे शिवा और बेटियां संजना व अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ा बेटा संजय, जो सूरत की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है, पिता की मौत की खबर सुनकर घर लौट रहा है।