सुल्तानपुर। 54 वर्ष पूर्व गठित नगर पंचायत कोइरीपुर का पहली बार दायरा बढ़ने वाला है। आसपास के गांवों को नगर पंचायत में शामिल कर वहां के ग्रामीणों को नगरीय सुविधा दिलाने का मसौदा तैयार हो गया है। लंभुआ विधायक सीताराम वर्मा इसके लिए शासन स्तर पर पैरवी कर रहे हैं।
वर्ष 1971 में कोइरीपुर नगर पंचायत का गठन हुआ। मानक के अनुरूप जनसंख्या न होने पर भी इसे नगर पंचायत का दर्जा दिया गया। वर्ष 1989 मेें कोइरीपुर में पहला चुनाव हुआ, तब अध्यक्ष का चुनाव सभासद करते थे। प्रतापगढ़, जौनपुर व सुल्तानपुर जिले की सीमा पर बसी इस नगर पंचायत में मौजूदा समय में 10 वार्ड हैं। 1.69 वर्ग किलोमीटर में बसी नगर पंचायत की वर्ष 2011 के अनुसार जनसंख्या 8927 है। 14 वर्ष बाद मौजूदा समय में आबादी काफी बढ़ चुकी है। व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह नगर पंचायत काफी धनी है। यहां लगभग हर घर से व्यावसायिक गतिविधियां होती हैं।
पुराना रेलवे स्टेशन होने के चलते यहां पर सराफा कारोबारी अधिक हैं। पूर्व में सराफा कारोबारियों को सोना-चांदी बाहर से लाने के लिए एकमात्र साधन ट्रेन ही थी। नगर पंचायत के पूरब, उत्तर व दक्षिण की तरफ बड़ा नाला है। पश्चिम की सीमा पर ग्राम सभा कसईपुर है।
कोइरीपुर का रेलवे स्टेशन, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बगल की ग्राम सभा सिंहौली में है। नगर पंचायत के उत्तर में फोरलेन पर वैतीकलां ग्रामसभा में बस स्टाॅप है। तीन तरफ कच्चे नाले से घिरे होने व फोरलेन नगर पंचायत से बाहर होने से नगर पंचायत की आय सीमित होकर रह गई है। आसपास के गांवों को नगर पंचायत में शामिल कर विस्तार हो जाने से यहां के ग्रामीणों को नगरीय सुविधाएं मिलने लगेंगी।