सुल्तानपुर। राणा प्रताप पीजी कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग में बुधवार को दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसमें शिक्षाविदों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
मुख्य वक्ता संत तुलसीदास पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो़ आरएन सिंह ने कहा कि विज्ञान का ज्ञान प्रयोगात्मक ही होना चाहिए। जीवन के हरेक कोने में विज्ञान की सकारात्मक दखल है। प्राचार्य प्रो. डीके त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थियों को शोध से जोड़ना चाहिए। हम इससे देश के उत्थान में मौलिकता से काम करके अपना योगदान दे सकते हैं।
गनपत सहाय पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ पांडेय ने कहा कि बदलते समय के साथ बड़े परिवर्तन की आवश्यकता है। आने वाले समय में पीसीआर एवं एग्रो जेल इलेक्ट्रोफॉरेसिस की उपयोगिता निरंतर बढ़ती जाएगी। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज की डॉ. कुमुद राय ने कहा कि बच्चों को करके सीखना चाहिए और प्रयोगात्मक कार्य पर बल भी देना चाहिए।
डॉ. आलोक सिंह ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और तकनीक का ज्ञान भी होगा जिससे उनके ज्ञान में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। इस अवसर पर आइक्यूएसी के निदेशक डॉ. इंद्रमणि कुमार, करुणवीर सिंह, शिवानी पांडेय, डॉ. पुष्कर प्रताप तिवारी, अनिल वर्मा, अंकित मिश्रा एवं केएनआई पीएसएस के सिरातुल मुस्तकीम उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन डॉ. प्रीति प्रकाश ने किया।