सुल्तानपुर। जिले के 350 परिषदीय विद्यालयों में 17.50 लाख रुपये से किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। गार्डन में पैदा होने वाली हरी सब्जियां मध्याह्न भोजन की पौष्टिकता बढ़ाएंगी। इन सभी विद्यालयों के मध्याह्न भोजन खातों में पांच हजार की दर से रकम भेज दी गई है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में खेती-बाड़ी की समझ बढ़ाने के उद्देश्य से शासन ने किचन गार्डन विकसित करने का निर्देश दिया है। किचन गार्डन विकसित होने से दो महत्वपूर्ण काम होंगे। पहला विद्यार्थी आसानी से खेती व बागवानी करना सीख सकेंगे। दूसरा विद्यालय के किचन गार्डन में पैदा हुईं हरी सब्जियां मध्याह्न भोजन में प्रयोग की जा सकेंगी। इससे मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता बढ़ेगी।
मध्याह्न भोजन के जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि पहले भी 260 विद्यालयों को किचन गार्डन के लिए धनराशि भेजी गई थी। कई विद्यालयों में किचन गार्डन का अच्छा काम हुआ है। इसकी सार्थकता भी सिद्ध हो रही है।
किस विकास खंड क्षेत्र में कितने विद्यालय
किचन गार्डन के लिए अखंडनगर में 24, बल्दीराय में 42, भदैंया में 32, धनपतगंज में 15, दोस्तपुर में 20, दूबेपुर में 30, जयसिंहपुर में 38, कादीपुर में 12, करौंदीकलां में आठ, कुड़वार में 27, कूरेभार में 30, लंभुआ में 29, मोतिगरपुर में 13, नगर क्षेत्र में तीन और प्रतापपुर कमैचा में 27 विद्यालयों में धनराशि भेजी गई है।
सुरक्षित विद्यालयों में बन रहे किचन गार्डन
ग्रामीण इलाकों में स्थित उन परिषदीय विद्यालयों में जहां चारदीवारी और सबमर्सिबल पंप की व्यवस्था है, वहां किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले 260 और अब 350 विद्यालयों को इस मद में रकम भेज दी गई है। किचन गार्डन से विद्यार्थियों को दोहरा लाभ होगा।
-दीपिका चतुर्वेदी, बीएसए