सुल्तानपुर। अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड में अग्रेतर विवेचना के दौरान नाम प्रकाश में आने के बाद गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद और सह आरोपी सारिज उर्फ अल्तमस की न्यायिक हिरासत चार दिन बढ़ा दी गई है। सोमवार को सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के बाद दोनों को 25 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोतवाली देहात क्षेत्र में भुलकी चौराहे के पास छह अगस्त 2023 को अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता मोहम्मद सलीम की तहरीर पर इकरामुद्दीन समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामले में एफटीसी द्वितीय की अदालत में आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा है।
पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी और इनामी सिराज अहमद की मौत हो चुकी है। अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है। अज्ञात आरोपियों को लेकर चल रही अग्रेतर जांच में कोतवाली देहात के तत्कालीन प्रभारी धर्मवीर सिंह ने सिराज अहमद के पिता रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद और रिश्तेदार सारिज उर्फ अल्तमस का नाम प्रकाश में आने की बात कही। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था।
रिमांड की पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तारी स्थल और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अदालत ने आपत्ति खारिज करते हुए चार दिन की न्यायिक हिरासत मंजूर की थी। सोमवार को भी हिरासत चार दिन बढ़ाई गई।
इंस्पेक्टर की गवाही जारी
आजाद अहमद हत्याकांड में एफटीसी द्वितीय के न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश की अदालत में इकरामुद्दीन समेत अन्य आरोपियों का ट्रायल चल रहा है। इंस्पेक्टर श्याम सुंदर की गवाही जारी है। शेष जिरह के लिए 22 सितंबर की तारीख तय है।