स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं की नसबंदी के बाद उन्हें फर्श पर लिटाए जाने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के आदेश पर संयुक्त निदेशक परिवार कल्याण बुधवार शाम जांच को सीएचसी पहुंचे। संयुक्त निदेशक ने अस्पताल में भर्ती कई महिलाओं के साथ ही चिकित्सकों से इस संबंध में जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. आनंद ओझा मंगलवार को सीएचसी जगदीशपुर महिलाओं की नसबंदी करने के लिए पहुंचे थे। दोपहर से लेकर देर शाम तक दो शिफ्ट में सीएमओ ने कुल 63 ऑपरेशन कर डाले जबकि अस्पताल में 30 बेड ही थे। बेड भर जाने के बाद महिलाओं को फर्श पर लिटा दिया गया था। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में नसबंदी के बाद महिलाओं को फर्श पर लिटाया शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
इसे शासन ने गंभीरता से लिया। बुधवार को शासन के आदेश पर संयुक्त निदेशक डॉ. वीएस तोमर स्वास्थ्य महानिदेशालय परिवार कल्याण जांच को पहुंच गए। संयुक्त निदेशक ने सीएचसी जगदीशपुर के चिकित्सकों, स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कई महिलाओं के साथ ही अन्य स्टाफ से घटना के बाबत पूछताछ की। करीब दो घंटे तक चली जांच के बाद संयुक्त निदेशक वापस लखनऊ लौट गए। संयुक्त निदेशक ने बताया कि वे मामले की रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।