जयसिंहपुर/दोस्तपुर। वन्य जीव के हमले में छह लोगों के घायल होने के बाद दोस्तपुर के व्यासपुर (महुआरी आशापुर) गांव के लोग दहशत में हैं। वन विभाग के मुताबिक, हमला करने वाला वन्य जीव सियार था।
हमले से बचने के लिए ग्रामीणों ने घरों के सामने सुरक्षा बेड़ा बना लिया है। बृहस्पतिवार को दिन भर वन कर्मियों की टीम खेतों और झाड़ियों में वन्य जीव की तलाश करती रही, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
व्यासपुर (महुआरी आशापुर) निवासी दयाराम, मिजाजी, नोहरा, बदामा, हड़ई निवासी सुग्गी देवी व छह लोग बुधवार रात वन्य जीव के हमले में घायल हो गए। उनका बिरसिंहपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायल ग्रामीणों के मुताबिक, उन पर सियार ने हमला किया।
रात में घटनास्थल पहुंचे तहसीलदार जयसिंहपुर मयंक मिश्र ने डीएफओ अमित कुमार सिंह को बुलाया। डीएफओ भी वन कर्मियों के साथ रात में व्यासपुर (महुआरी आशापुर) पहुंचे। रात में खेतों में सियार की खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। बृहस्पतिवार सुबह वन रक्षक जेठूराम व चार अन्य वनकर्मी ग्रामीणों के साथ सियार को पकड़ने का प्रयास में जुटे रहे। कुछ ग्रामीणों ने घर के बाहर लोहे की जाली लगाई है। कुछ लोगों ने वन्य जीव के हमले के भय से अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
इनसेट-
रात्रि में कैंप कर रहे वन कर्मी
व्यासपुर में बुधवार रात वन्य जीव के हमले के बाद ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की टीम गांव में कैंप कर रही है। ग्रामीणों को निहत्थे व अकेले खेतों की ओर जाने से मना किया गया है। दिन भर चली खोजबीन के बाद वन्य जीव के पग चिन्ह व अन्य कोई सुराग नहीं मिला है। उसकी तलाश की जा रही है।
- फरीद अहमद, क्षेत्रीय वनाधिकारी, जयसिंहपुर
परिजनों ने किया किशोरी का अंतिम संस्कार
व्यासपुर (महुआरी आशापुर) निवासी सभाजीत की पुत्री खुशबू (16) बुधवार रात अचानक बेहोश हो गई थी। उसे भी बिरसिंहपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को मृतका का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया। (संवाद)