सुल्तानपुर। ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह और दो विभागीय कर्मचारियों के बीच छिड़ी तकरार जांच के घेरे में आ गई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों के बाद डीएम ने तीन अधिकारियों की जांच टीम गठित कर दी है। टीम ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में दोनों कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के अगले चरण में पीडी का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा।
इस मामले की शुरुआत पिछले सप्ताह हुई थी। पीडी अशोक कुमार सिंह ने लिपिक मनोज श्रीवास्तव और सहायक लेखाकार अमित श्रीवास्तव पर आवास पर पहुंचकर एक पत्रावली पर हस्ताक्षर को लेकर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। उन्होंने शिकायत डीएम, सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों से की थी। कार्रवाई में देरी के बीच पीडी ने 30 अगस्त को दोनों कर्मियों को अपने विभाग से कार्यमुक्त कर दिया।
दोनों कर्मचारियों ने भी पीडी पर कई आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की। यह मामला एकतरफा शिकायत से बढ़कर आमने-सामने के आरोपों तक पहुंच गया।
एडीएम एफआर कर रहे टीम का नेतृत्व
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम इंद्रजीत सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इसमें एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया और उपायुक्त एनआरएलएम केडी गोस्वामी शामिल हैं। टीम ने बुधवार को दोनों कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट बुलाकर उनका पक्ष दर्ज किया।
पीडी बोले- सूचना मिलेगी तो देंगे बयान
परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जांच टीम की ओर से उन्हें अभी बयान के लिए सूचना नहीं दी गई है। सूचना मिलने पर वह अपना पक्ष जांच टीम के सामने रखेंगे।