रोडवेज बस अड्डे पर शुक्रवार को बस में चढ़ने के लिए लगी भीड़। संवाद
सुल्तानपुर। रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त और सुगम सफर कराने की परिवहन निगम की तैयारी यात्रियों की भीड़ के सामने कमजोर पड़ गई। बसें उपलब्ध होने के बावजूद चालक-परिचालकों की कमी से कई बसें सड़क पर नहीं उतर सकीं। जिससे प्रमुख रूटों पर यात्रियों को बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। समय पर बस न मिलने पर कई लोगों ने निजी बसों का सहारा लिया।
सरकार ने 27 अगस्त की सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक बहनों के साथ एक सहयात्री को रोडवेज में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी। दो दिनों में 58,226 बहनों और उनके सहयात्रियों ने रोडवेज से सफर किया। भीड़ के मुकाबले संचालन प्रभावित होने से यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई।
बहनों ने बताई परेशानी
शुक्रवार को अंबेडकरनगर जाने के लिए सीमा चौरसिया बच्चों के साथ करीब एक घंटे तक बस का इंतजार करती रहीं। बस नहीं मिली तो गोलाघाट से निजी बस पकड़नी पड़ी। वाराणसी जाने के लिए राजकुमार पत्नी के साथ बस का इंतजार करते रहे। पूछताछ केंद्र से उन्हें पयागीपुर जाकर बस मिलने की जानकारी दी गई। आजमगढ़ जाने वाली गुड़िया मिश्रा और प्रयागराज जाने वाली शिवानी मौर्या को भी बस के लिए इंतजार करना पड़ा।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे अवकाश पर
27 अगस्त को 45 संविदा चालक और 51 संविदा परिचालक अवकाश पर रहे। अगले दिन भी 42 चालक और 50 परिचालक ड्यूटी पर नहीं आए। त्योहारी भीड़ के बीच कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सीधा असर बस संचालन पर पड़ा।
अधिकतम बसों का कराया संचालन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि रक्षाबंधन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अधिकतम बसों का संचालन कराया गया। चालक उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ बसें संचालित नहीं हो सकीं।