सुल्तानपुर। इंटरलॉकिंग की दर में शासन ने अचानक बदलाव कर दिया है। समीक्षा के बाद शासन ने 736 रुपये से घटाकर नया दर 484 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित कर दिया है। अचानक इंटरलॉकिंग की दर घटने से विभागों व ठेकेदारों में खलबली मच गई है। ठेकेदारों ने कार्य कराने से इन्कार कर दिया है। इससे विभिन्न विभागों के दो करोड़ रुपये से अधिक के कार्य ठहर गए हैं। रेट में संशोधन नहीं होने पर कार्य में परिवर्तन के आसार बढ़ गए हैं।
अभी तक लोक निर्माण विभाग की निर्धारित दर 736 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर की दर से इंटरलॉकिंग का कार्य विभिन्न विभागों व कार्यदायी संस्थाओं की ओर से कराया जा रहा है। इंटरलॉकिंग के कार्य में बढ़ोतरी से सीसी रोड की संख्या कम हो गई थी। दिसंबर में समीक्षा के बाद शासन की कमेटी ने इंटरलॉकिंग में ईंट से बनवाई जा रहीं सड़कों का रेट घटा दिया। नया रेट जारी होने के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, यूपी सिड़को, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायतों व ग्राम पंचायतों में नए प्रस्तावित कार्य ठहर गए हैं। ठेकेदारों ने नई दर से कार्य कराने से हाथ खड़ा कर दिया है। इसे देखते हुए विभाग दबाव में आ गया है। अब नए रेट में संशोधन का इंतजार किया जा रहा है।
विधायक निधि के करीब पौने दो करोड़ के प्रस्ताव
करीब पौने दो करोड़ रुपये के नए कार्य अकेले विधायक निधि से ही प्रस्तावित हैं। इनमें अधिकांश कार्य यूपी सिडको व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से कराने का प्रस्ताव विधायकों ने दिया है। लंभुआ विधायक सीताराम वर्मा ने करीब 90 लाख रुपये, सुल्तानपुर विधायक विनोद सिंह ने 50 लाख, कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने 28 लाख रुपये और एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने करीब 15 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया है।
महंगाई में रेट घटाया जाना अनुचित : अशोक मिश्रा
लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार संघ के अध्यक्ष अशोक मिश्रा ने कहा कि रोज महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में शासन से इंटरलॉकिंग का रेट घटाया जाना अनुचित है। ठेकेदारों की ओर से सहयोग मांगे जाने पर इसका विरोध किया जाएगा।
विधायकों को दी गई नए रेट की सूचना
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता आलोक सिंह ने बताया कि नए इंटरलॉकिंग के रेट से विधायकों को अवगत करा दिया गया है। नए रेट पर ठेकेदारों के राजी नहीं होने से अभी फिलहाल उनके विभाग के इंटरलॉकिंग कार्य लंबित हैं। विधायकों के निर्देश के मुताबिक उनकी निधि का इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा।