प्रतिष्ठा का प्रश्न बनते जा रहे पंचायत चुनाव में शासन-सत्ता का दखल बढ़ता जा रहा है। पहले आरक्षण की गाइडलाइन में संशोधन, बाद में अनंतिम प्रकाशन की तिथि में फेरबदल के बाद आपत्तियों की तिथि कम किए जाने से गड़बड़ी की आशंका बढ़ती जा रही है। गड़बड़ी के लिए अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल सोमवार को ग्राम पंचायत सदस्य वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया तकरीबन पूरी कर ली गई।
जिपंस व बीडीसी के आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है।
प्रतिष्ठा का प्रश्न बने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीटों की आरक्षण प्रक्रिया में फिर संशोधन हो गया है। शासन ने पंचायत चुनाव की अनंतिम आरक्षण सूची अब चार को प्रकाशित करने का निर्देश जारी किया है। इसके पहले अनंतिम सूची 31 अगस्त से दो सितंबर के बीच जारी होनी थी। पहले आरक्षण की गाइड लाइन में संशोधन व बाद में अनंतिम सूची के प्रकाशन की तिथि बढ़ाने से अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ग्राम प्रधान, जिपंस व ब्लॉक प्रमुख सीटों को अपने मनमाफिक कराने के लिए शासन-सत्ता से जुड़े लोगों के दबाव बढ़ गए हैं। कुड़वार विकास खंड के एक गांव के लिए सोमवार को सत्ता से जुड़े एक व्यक्ति के पैरवी करने की चर्चा आम रही। इसके अलावा भी सत्ता से जुड़े लोगों ने दबाव बढ़ा दिया है। दबाव बढ़ने से आरक्षण में गड़बड़ी की संभावना बढ़ती जा रही है। गड़बड़ी के लिए जनसंख्या के आंकड़ों में हेर-फेर की चर्चाएं आम हैं। इधर, दबाव बढ़ने से अधिकारी सकते में आ गए हैं।
इनसेट
ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण पूरा
डीएम कैंप कार्यालय में चल रही आरक्षण प्रक्रिया में सोमवार की शाम तक ग्राम पंचायत सदस्यों के 12,174 वार्डों के आरक्षण का कार्य तकरीबन पूरा कर लिया गया है।
गठित अधिकारियों की टीम द्वारा शेेष कुछ वार्डों की जांच के बाद अनंतिम सूची फाइनल कर दी जाएगी। ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण चार्ट की चेकिंग में रविवार की शाम से लेकर रात भर अधिकारी लगे रहे। उधर, सोमवार से जिपंस व बीडीसी की सीटों के आरक्षण का कार्य शुरू हो गया है। मंगलवार तक इसके भी फाइनल होने की संभावना है।
अब सिर्फ दो दिन हो सकेंगी आपत्तियां
आरक्षण सूची के अनंतिम प्रकाशन की तिथि बढ़ाकर शासन ने आपत्तियों पर काबू करने की कोशिश की है। अनंतिम प्रकाशन की तिथि बढ़ने एवं अंतिम प्रकाशन समेत अन्य तिथियां नहीं बढ़ने से आपत्ति करने का समय घटकर सिर्फ दो दिन बचा है। सिर्फ दो दिन आपत्ति का समय मिलने से काफी लोग गड़बड़ी पर आपत्तियां नहीं कर सकेंगे। इस बीच अनंतिम सूची के भी दबाए जाने की संभावना जताई जा रही है।