सुल्तानपुर। बारिश में नमी और फंगस से बुखार और संक्रमण के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि यह समस्या अधिकतर वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण हो रही है। यह दमा के रोगियों में दिखाई देने वाले अस्थमा अटैक की तरह है।
डॉक्टर का कहना है कि मरीजों में अचानक सांस फूलना, तेज बुखार, गले में खराश, खांसी और शरीर में दर्द के लक्षण देखे जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 70 से 80 मरीज बुखार का इलाज कराने आ रहे हैं, इनमें 40 फीसदी मरीजों को सांस में परेशानी हो रही है। एक सप्ताह में ऐसे सात मरीज भर्ती हुए हैं, जोकि समय पर इलाज कराने से स्वस्थ हो गए। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम बदलने में सतर्क रहकर और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेकर बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
इस तरह से करें संक्रमण व बुखार से बचाव
साफ-सफाई का ध्यान रखना, पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना जरूरी है। इसके साथ ही तेज बुखार, लगातार खांसी या अचानक सांस फूलने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
डेंगू वाले लक्षण, लेकिन जांच में सामान्य वायरल
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आर धीरेंद्र ने बताया कि इस समय डेंगू लक्षण वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की जांच के बाद पता चलता है कि उनके फेफड़ों में सूजन या संक्रमण की वजह से ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित हो रहा है। बीमारी का कारण सामान्य मौसमी संक्रमण ही पाया गया है। मरीजों को आठ से दस दिन तक दवाएं लेनी पड़ रही हैं। अधिकांश मामलों में जल्दी उपचार शुरू होने पर तेजी से सुधार हो रहा है।