गौरीगंज के मुसाफिरखाना मार्ग पर शहर में गिरा विद्युत पोल।
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बीते दो-तीन दिनों से रात में चलने वाली तेज हवा ने शुक्रवार सुबह रौद्र रूप धारण कर लिया। सुबह करीब नौ बजे अचानक शुरू हुई भीषण आंधी व पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी की तीव्रता का आलम यह रहा कि इसकी चपेट में आने से जहां गुमटियां, छप्पर व कच्चे मकानों के खपरा-नरिया व टिनशेड उड़ गए वहीं पूरे जिले में हजारों पेड़ व सैकड़ों विद्युत पोल धराशायी हो गए।। विद्युत पोल टूटने के साथ मुख्य लाइन में आई खामी से देर शाम तक पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप रही।
बीते दो तीन दिनों से जहां दिन में मौसम बेहद गर्म रहता था वहीं रात में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी चल रही थी। तीन दिनों से मौसम की लुकाछिपी ने शुक्रवार सुबह गंभीर रूप धारण कर लिया। सुबह करीब नौ बजे आई भीषण आंधी व पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
तेज आंधी की वजह से जहां पूरे जिले में सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। कई सड़कों पर पेड़ हटाए जाने तक आवागमन बाधित रहा। जिले के तकरीबन सभी विद्युत उपकेंद्रों के गांवों में पोल व तार टूट कर गिर पड़े, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी की तीव्रता का आलम यह रहा कि इसकी चपेट में आने से गुमटियां, छप्पर व कच्चे मकानों के खपरा-नरिया तथा टिनशेड उड़ गए।
लोग पूरे दिन गिरे हुए पेड़ों व उनकी डालों को हटाने तथा खपरा-नरिया व टिन शेड को दुरुस्त करने में लगे रहे। कलेक्ट्रेट स्थित जिला कोषागार में पेड़ गिरने से नेटवर्किंग सिस्टम फेल हो गया, जिससे पूरा कार्य बाधित हो गया। बिजली की मुख्य लाइन में कहां खराबी आई है।
उसे कब तक ठीक किया जाएगा इसके बारे में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। अधिशाषी अभियंता हनुमान मिश्र ने बताया कि नुकसान का आकलन करने में दो तीन दिन का समय लग जाएगा।