सुल्तानपुर। दहेज हत्या के 11 साल पुराने मामले में एफटीसी द्वितीय कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट जज राकेश की अदालत ने पति को दहेज हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी पति को 12 साल के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी ससुर व ननद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
अमेठी के मुसाफिरखाना थाने के नारा-अढ़नपुर के रहने वाले वादी कृष्णनाथ कोरी के मुताबिक, उन्होंने 27 मई 2011 को बंधुआकला थाने के रामपुर मठा निवासी आरोपी सुरेंद्र कोरी के साथ पुत्री स्नेहलता की शादी की थी। आरोप है कि पति सुरेंद्र कोरी, ससुर रामअवध कोरी व ननद आशावती उनकी पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पांच अक्तूबर 2014 को उसे मार डाला।
वादी कृष्णनाथ की तहरीर पर मुसाफिरखाना थाने में अरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और चार्जशीट भी दाखिल हुई। विचारण फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की अदालत में चला। आरोपी ससुर व ननद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है, जबकि आरोपी पति सुरेंद्र कोरी को कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।