पुत्रों की लंबी आयु के लिए मंगलवार को महिलाओं ने सावन की सप्तमी को व्रत रखा। बुधवार को भोर में शहर के सीताकुंड घाट पर आदि गंगा गोमती के पास शीतला माता को पूड़ी-हलुआ का प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने पुत्रों की दीर्घायु व परिवार में खुशहाली की कामना की। उधर, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने भी पुत्रों की लंबी उम्र के लिए सप्तमी व्रत रखा और बुधवार को गांवों के निकट स्थित तालाबों के पास पूजन-अर्चन कर परायण किया। उधर, ग्रामीण
अंचलों की महिलाओं ने भी सावन मास की सप्तमी को व्रत रखा। पुत्रों की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने गांव के पास स्थित तालाबों के किनारे शीतला माता की पूजा-अर्चना कर हलवा-पूड़ी का प्रसाद चढ़ाया। महिलाओं ने परिवार में सुख समृद्घि के लिए शीतला माता से प्रार्थना भी की।
पंडित राम किशोर त्रिपाठी ने बताया कि सप्तमी को सूर्य के रूप में भगवान शिव का पूजन करने पर तेज की प्राप्ति होती है। इस दिन सुबह के समय सूर्यदेव को जल चढ़ाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसके अलावा यह प्रक्रिया निरंतर करने से आंखों एवं सिरदर्द से छुटकारा भी मिल जाता है। सप्तमी के दिन तांबे से बनी वस्तुओं का दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।