शहर में जीएन रोड पर भरा बारिश का पानी। संवाद
सुल्तानपुर। जिले में तीन दिन से हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और छप्पर ढह गए। करौंदीकला के प्राथमिक विद्यालय अमिलिया में बच्चों को पानी से होकर कक्षाओं तक पहुंचना पड़ा। चांदा के ब्लॉक कार्यालय में छत टपकने से मनरेगा कक्ष में पानी पहुंच गया। वहीं, खेतों में पानी भरने से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में इनके दाम बढ़ने लगे हैं।
सोमवार देर रात शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी रुक-रुककर जारी रही। सुबह आठ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक मौसम साफ और बादलों के बीच बदलता रहा, इसके बाद फिर बारिश शुरू हो गई।
शहर के जीएन रोड, शास्त्रीनगर, डिहवा, पंचरास्ता और राईन नगर में पानी भर गया। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से होकर निकलना पड़ा। प्रभाकर लाल श्रीवास्तव, आरपी श्रीवास्तव, सिद्धार्थ शुक्ल, हरिकेश और वैभव सिंह ने नगर पालिका की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। बारिश के दौरान हर बार शहर के कई हिस्सों में यही स्थिति बनती है।
ब्लॉक कार्यालय में टपकी छत : चांदा। विकास खंड प्रतापपुर कमैचा कार्यालय में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगा। पानी मनरेगा कक्ष तक पहुंच गया, जिससे कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत हुई। बीडीओ आलोक कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण भवन में पानी टपकने की समस्या सामने आई है।
मलबे में दबकर घायल हुए पांच मवेशी : अखंडनगर। भेलारा गांव में लगातार बारिश के कारण मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पशुपालक रामदयाल की मिट्टी और छप्पर से बनी पशुशाला ढह गई। हादसे के समय अंदर पांच मवेशी बंधे थे, जो मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मिट्टी और बल्लियों को हटाकर सभी पशुओं को बाहर निकाला। सूचना पर पशु चिकित्सक ने इलाज शुरू किया। (संवाद)