मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में बनाया गया आपदा वार्ड।
सुल्तानपुर। सीमा पर तनाव के बीच मेडिकल कॉलेज आपात स्थिति से निपटने को तैयार है। चिकित्सकाें व मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड में 10 बेड का अतिरिक्त वार्ड रिजर्व रखा गया है। साथ ही नई बिल्डिंग के पांचवें तल पर 40 बेड का आपदा वार्ड भी बनाया गया है। जिससे अचानक से आने वाली मेडिकल इमरजेंसी से निपटा जा सके।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है। इमरजेंसी में जो वार्ड सुरक्षित रखे गए हैं, उनमें मेडिकल व ट्रॉमा से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं। आपात स्थिति में मरीजों का इलाज करने व स्थिति संभालने का प्रशिक्षण सभी मेडिकल स्टाफ को पहले ही दिया जा चुका है। दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता है। इमरजेंसी के वक्त उपचार में जरूरी संसाधन विकसित किए जा रहे हैं।
नई बिल्डिंग में पूरा एक वार्ड ही आरक्षित कर आपदा वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। यहां ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। मरीजों के इलाज के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाए गए हैं। प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि अभी 40 बेड का वार्ड आरक्षित है। जरूरत पड़ी तो पुरानी बिल्डिंग में भी वार्ड बनाया जाएगा।
100 शैया में 10 व सभी सीएचसी में पांच बेड आरक्षित
आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बिरसिंहपुर 100 शैया अस्पताल में 5-5 बेड के दो वार्ड आरक्षित किए गए हैं। सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच बेड के वार्ड आरक्षित हैं। मेडिकल स्टाफ को पहले से ही सतर्क किया गया है। आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। सीएमओ डॉ. भारत भूषण ने बताया कि हमारे पास अभी इलाज के सारे संसाधन पर्याप्त हैं। सभी सीएचसी में एंबुलेंस की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ी तो निजी अस्पतालों व स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद भी लिया जाएगा।