सुल्तानपुर के केएनआई में इतिहास दिवस पर कार्यक्रम को संबोधित करते अतिथि। -संवाद
सुल्तानपुर। साम्राज्यवादी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए लिखा गया इतिहास न केवल भारतीय संस्कृति के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए घातक साबित हुआ है। यह बात कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के मध्यकालीन इतिहास विभाग में आयोजित इतिहास दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शक्ति सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में इतिहास लेखन की जो परंपरा स्थापित की गई थी, वह ब्रिटिश उपनिवेश के औचित्य को सिद्ध करने का ही प्रयास था। आज आवश्यकता सांस्कृतिक परंपरा और विरासत की उत्कृष्टताओं को ध्यान में रखते हुए इतिहास लेखन को आगे बढ़ाने की है। इतिहास दिवस के आयोजन में डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. दीपमाला द्विवेदी, डॉ. सुधांशु प्रताप सिंह, डॉ. रवि प्रकाश मिश्र भी शामिल हुए।
दूसरी तरफ संघ भवन में आयोजित एक बैठक में भारतीय इतिहास संकलन समिति के जनपदीय कार्यकारिणी महासचिव प्रो. सतीश सिंह ने बताया कि अब हर माह कहा कि प्रत्येक महीने इतिहास दिवस का आयोजन किया जाएगा। बैठक में भारतीय इतिहास संकलन समिति के जिलाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. जितेंद्र तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।