सुल्तानपुर। विश्व हिंदी दिवस पर शैक्षिक संस्थानों एवं स्वयंसेवी संगठनों की ओर से संगोष्ठियां आयोजित की गईं। कई शिक्षण संस्थानों में श्रुति लेख, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हिंदी के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले गुरुजनों को सम्मानित किया गया।
कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में बृहस्पतिवार को हिंदी दिवस पर आयोजित ''वैश्विक परिदृश्य और हिंदी'' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. राधेश्याम सिंह ने कहा कि हिंदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की भाषा है।
उन्होंने कहा कि संचार और तकनीकी से संपन्न इस दुनिया ने हिंदी के वैश्विक प्रसार में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया है। आज दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन और अध्यापन हो रहा है। बृहद स्तर पर प्रवासी साहित्य और भारतवंशियों की मौजूदगी ने भी हिंदी को समृद्ध करने का अद्वितीय कार्य किया है। प्राचार्य प्रो. आलोक सिंह, प्रो.वीपी सिंह, डाॅ. सुनीता राय, प्रो. प्रतिमा सिंह ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया।
विधि छात्रों को बताया हिंदी का महत्व
कमला नेहरू संस्थान के विधि विभाग में हिंदी की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। विधि विभाग के रामराज चौबे, आकाश पांडेय, प्रदीप यादव, श्वेता कसौधन, शिवानी वर्मा ने हिंदी भाषा के महत्व पर चर्चा की। विधि संकाय के समन्वयक प्रो. सुशील कुमार सिंह ने हिंदी भाषा की उपयोगिता पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने किया। विधि विभाग के डॉ. मोइन अतहर, डॉ. शिव बहादुर तिवारी, डॉ. अब्दुल हफीज खान एवं डॉ. वंदना ने विधि छात्रों को हिंदी भाषा के महत्व के बारे में बताया।
परिषदीय विद्यालयों में भी मनाया गया हिंदी दिवस
परिषदीय विद्यालयों में हिंदी दिवस पर विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतापपुर कमैचा के जूनियर हाईस्कूल साढ़ापुर में वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। भदैयां विकास खंड अंतर्गत कम्पोजिट विद्यालय खानीपुर में संगोष्ठी हुई। जयसिंहपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने फूल एवं पत्तियों से रंगोली बनाई। प्राथमिक विद्यालय वैदहा में पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई।
हिंदी हमारे स्वाभिमान व सम्मान की भाषाः बृजेश मिश्र
हिंदी दिवस के अवसर पर गनपत सहाय पीजी कॉलेज में संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईपीएस बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि देश की उन्नति का मूल आधार निज भाषा हिंदी ही है, निज भाषा को नकारना अपनी संस्कृति को विस्मृत करना है। प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह राणा ने कहा कि हिंदी हमारे देश की शान है, हिंदी बोलने पर गर्व महसूस करना चाहिए। पूर्व प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, डॉ. प्रभाकर मिश्रा, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. अशोक कुमार शुक्ल, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनय कुमार मिश्र ने किया।
हिंदी से ही है भारत की पहचान
कादीपुर स्थित संत तुलसीदास पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर ''राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका'' विषयक निबंध एवं संभाषण प्रतियोगिता हुई। राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर कीर्ति कुमार पांडे ने कहा कि कोई भी भाषा किसी देश की संस्कृति का संवाहक और अस्मिता की पहचान होती है। भारत की पहचान और अस्मिता हिंदी से ही है। प्रतीक कुमार मौर्य ने कहा कि हमें सभी भाषाओं का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर डॉ. चंद्र प्रकाश यादव, डॉ. करुणेश प्रकाश भट्ट, अखिलेश कुमार यादव, नरेंद्र कुमार, सुशील कुमार कोरी सहित आदि लोग मौजूद रहे।
हिंदी देश की सर्वाधिक लोकप्रिय भाषा
भाषा संस्कृति की संवाहक है। देश की नब्बे प्रतिशत जनसंख्या हिंदी समझती है, इसलिए यह देश की सर्वाधिक लोकप्रिय भाषा है। ये बातें राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कहीं। असिस्टेंट प्रो. ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि संपर्क भाषा, प्रचार भाषा और राजभाषा के साथ हिंदी ने स्वयं को वैश्विक भाषा के रूप में स्थापित किया है। हिंदी में विश्व की समस्त भाषाओं को आत्मसात करने की क्षमता है। इस मौके पर प्रबंधक डॉ पवन कुमार सिंह सहित आदि शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
सम्मान समारोह व विचार गोष्ठी का आयोजन
हिंदी दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के की ओर से सम्मान समारोह व विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बृजेश मिश्रा पुलिस अधीक्षक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र रहे। सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डीएस मिश्र ने कहा कि हिंदी विचार ही नही बल्कि संवेदना की भाषा है। मुख्य अतिथि ने कहा कि अपभ्रंश काल से आज तक का हिंदी का सफर बेहद कठिन रहा है। इस दौरान जनपद के साहित्यकारों व हिंदी सेवकों को रेडक्रास हिंदी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
इनमें डॉ. डीएम मिश्र, डॉ. शोभनाथ शुक्ला, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. सुशील कुमार पांडेय, एनपी शुक्ला शेम्फोर्ड विद्यालय के प्रबंधक रंजीत सिंह को असहाय बच्चों की मदद व गरीब विद्यार्थियों के लिए निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष शिक्षा रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। इस मौके पर समाजसेवी बलदेव सिंह, डॉ. अनिल पांडेय, शैलेंद्र चतुर्वेदी, श्रेया, चंद्रभान सिंह, विवेक सिंह, इरशाद आदि मौजूद रहे।