सुल्तानपुर। लंबे इंतजार के बाद आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा बुधवार को जिले के सात केंद्रों पर संपन्न हो गई। दोनों पालियों में 2891 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरों पर संतोष नजर आया। अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्रों को अपेक्षा के अनुरूप और सामान्य स्तर का बताया।
प्रथम पाली में हिंदी विषय की परीक्षा देकर बाहर निकले पवन तिवारी ने कहा कि हिंदी व्याकरण और काव्य सौंदर्य से जुड़े प्रश्न सरल रहे। हालांकि कुछ रचनाओं पर आधारित प्रश्नों के उत्तर अनुमान के आधार पर देने पड़े। हिंदी की परीक्षार्थी अमिता सिंह ने बताया कि कई वर्षों से इस परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। कहा कि बहुप्रतीक्षित टीजीटी 2022 परीक्षा का इंतजार जितना लंबा रहा, प्रश्नपत्र उतना ही सरल निकला। संस्कृत खंड में स्वर संधि और व्यंजन संधि से जुड़े प्रश्न सीधे थे। शब्द रूप से संबंधित प्रश्नों के उत्तर तो विकल्प देखने से पहले ही स्पष्ट हो गए थे।
द्वितीय पाली में गणित विषय की परीक्षा देकर निकले वीरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तकों से की गई तैयारी काफी उपयोगी साबित हुई। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम आधारित और संतुलित थे, जिससे उन्हें हल करने में विशेष कठिनाई नहीं हुई। कृषि विज्ञान विषय के अभ्यर्थी आलोक सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में देश की कृषि वैज्ञानिक उपलब्धियों और समकालीन कृषि परिदृश्य से जुड़े प्रश्न शामिल थे। कहा कि ऐसे प्रश्नों ने विषय को अधिक प्रासंगिक बनाया। उनके अनुसार पेपर का स्तर आसान रहा और अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह लाभकारी साबित होगा।