सुल्तानपुर। अधिवक्ता महेंद्र मौर्य हत्याकांड में जेल में निरुद्ध आरोपी विकास पाल व उनके बड़े पिता राजाराम पाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए याची बबिता पाल ने लखनऊ हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उनकी याचिका पर एसपी सुल्तानपुर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने व अखंडनगर थाने की सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों की सीडीआर व लोकेशन रिपोर्ट को पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि तय की है।
अखंडनगर थाने के मरुई किशुनदासपुर निवासी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप मौर्य की हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सीताराम मौर्य ने तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया और पड़ोस के ही रहने वाले राजाराम पाल पर भूमि विवाद को लेकर हत्या करने का संदेह व्यक्त किया। पुलिस ने आरोपी राजाराम पाल व उनके भतीजे विकास पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी विकास पाल की पत्नी बबिता पाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप के मुताबिक, अखंडनगर पुलिस ने उनके पति व बड़े ससुर को गलत तरीके से जेल भेज दिया। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर प्रकरण की जांच के लिए एसपी सुल्तानपुर को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। आठ से 10 जून की रात का अखंडनगर थाने की सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के साथ पेश करने व संबंधित पुलिस कर्मियों की संंबंधित तिथि की सीडीआर व लोकेशन समेत अन्य साक्ष्यों को पेश करने का आदेश दिया है।